प्रणाम! हमारा आज का विषय है कोरोना वायरस जिसे covid 19 के नाम से भी जाना जात है। यह एक वायरस है जो छूने से फैलता है जिसका प्रभाव सीधे हमारे फेफड़ों मे होता है, जिसमे फेफड़े ऐसे प्रतीत होते हैं की जैसे उसमे पानी भर गया हो जिस कारण धीरे धीरे स्वास की परेशानी आने लगती है। इसी कारण धीरे धीरे यह मृत्यु का कारण बन जाता है।

कोरोना वायरस क्या है ?

कोरोनावायरस (Coronavirus) कई प्रकार के विषाणुओं (वायरस) का एक समूह है जो स्तनधारियों और पक्षियों में रोग उत्पन्न करता है। यह आरएनए वायरस होते हैं। इनके कारण मानवों में श्वास तंत्र संक्रमण पैदा हो सकता है जिसकी गहनता हल्की (जैसे सर्दी-जुकाम) से लेकर अति गम्भीर (जैसे, मृत्यु) तक हो सकती है।  गाय और सूअर में इनके कारन अतिसार हो सकता है जबकि इनके कारण मुर्गियों के ऊपरी श्वास तंत्र के रोग उत्पन्न हो सकते हैं।

नामोत्पत्ति

लातीनी भाषा में "कोरोना" का अर्थ "मुकुट" होता है और इस वायरस के कणों के इर्द-गिर्द उभरे हुए कांटे जैसे ढाँचों से इलेक्ट्रान सूक्षमदर्शी में मुकुट जैसा आकार दिखता है, जिस पर इसका नाम रखा गया था।

आरंभ

इस वायरस का आरंभ चीन के वउहान नामक बड़े नगर मे हुआ है। परंतु इस वायरस के पैदा होने के पीछे बहुत सारे कयास लगाए जा रहे हैं।

  1. एक तरफ तो कुछ लोग इस वायरस के आरंभ होने का कारण चीन के लोगों द्वारा खाए जाने वाले मांसाहारी भोजन बता रहे हैं जिसके अंतर्गत कहा यह जा रहा है की यह वायरस एक मनुष्य द्वारा चमगादड़ के मांस भक्षण के पश्चात हुआ। 
  2. दूसरा कहा जा रहा है कि यह वायरस चीन द्वारा वउहान के पास एक लैब मे चमगादड़ों के ऊपर रिसर्च करने के दौरान एक चमगादड़ द्वारा वैज्ञानिक पर हमला कर देने के कारण उस वैज्ञानिक से फैला। 
  3. तीसरा कहा यह भी जा रहा है कि चीन विश्व मे अपना अधिकार जमाने के लिए एक बाइअलाजिकल हथियार बनाने मे लगा हुआ था और यह वायरस उसी हथियार का एक स्वरूप है जिसका उपयोग उसने विश्व मे फैला कर किया। 
  4. यह भी कहा जा रहा है की चीन ने अपने देश की बढ़ती आबादी से परेशान हो आर्थिक मंदी से बचने के लिए अपने राष्ट्र के सभी बुजुर्गों वं अस्वस्थ लोगों मारने के लिए यह वायरस को फैलाया जो बाद मे उनके नियंत्रण से बाहर हो गया। 
उपरोक्त सभी तथ्य देखने मे इस लिए भी वास्तविक लग रहे हैं क्योंकि अमेरिका ने इस बात की आशंका जताई है कि यह सब चीन की एक चाल है, देखा जाए तो सच इस लिए भी लग रहा है क्योंकि चीन ने पहले इस वायरस की सारी बातों को विश्व से छिपाया उसके उपरांत जिस डॉक्टर ने (डॉक्टर ली) ने बताया उसे दंड भी दिया गया और भी कई अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की, कि इस बात को चीन सरकार द्वारा छुपाने के लिए दबाव डाला गया था ।  परंतु अभी तक किसी भी तथ्य की पुष्टि नहीं हो पाई सभी कयास ही लगाए जा रहे हैं जो देखने मे तो सत्य लग रहे हैं। 

यह वायरस भी जानवरों से आया है। ज्यादातर लोग जो चीन शहर के केंद्र में स्थित वउहान सीफ़ूड होलसेल मार्केट में खरीदारी के लिए आते हैं या फिर अक्सर काम करने वाले लोग जो जीवित या नव वध किए गए जानवरों को बेचते थे जो इस वायरस से संक्रमित थे।

कैसे करता है यह वायरस काम

2019 नोवेल कोरोनावायरस (2019 novel coronavirus, 2019-nCoV), जो वूहान कोरोनावायरस (Wuhan coronavirus) भी कहलाता है, संक्रमण (रोग) फैलाने वाला कोरोनावायरस प्रकार का एक वायरस (विषाणु) है जो श्वसन तंत्र संक्रमण उत्पन्न करता है और मानव-से-मानव में फैलता है। इसकी पहचान सर्वप्रथम सन् 2019-20 में वूहान, हूबेई, चीन में करी गई थी, जहाँ यह 2019–20 वुहान कोरोना वायरस प्रकोप का कारक था। इसके एक पशुजन्यरोग होने के संकेत हैं कि इसके पहले ज्ञात रोगी वूहान के एक ऐसे बाज़ार से सम्बन्धित थे जहाँ तरह-तरह के प्राणी माँस के लिए बिकते थे। सम्भव है कि यह आरम्भ में चमगादड़  से मानव में फैला हो क्योंकि इस बाज़ार में चमगादड़ भी खाए जाते हैं और इस वायरस का चमगादड़ों में पाए जाने वाले कुछ कोरोनावायरस से अनुवांशिक समानताएँ मिलती हैं।यह भी माना जा रहा है कि यह वायरस पैंगोलिन से मानव में फैला हो।[9]इस वायरस के मानव-से-मानव संचरण की पुष्टि 2019-20 कोरोनोवायरस महामारी के दौरान की गई है। इसका प्रसार मुख्य रूप से लगभग 6 फीट (1.8 मीटर) की सीमा के भीतर खांसी और छींक से बूंदों के माध्यम से होता है। दूषित सतहों के माध्यम से अप्रत्यक्ष संपर्क, संक्रमण का एक और संभावित कारण है।

संकेत और लक्षण

पीड़ित व्यक्ति के कोई संकेत और लक्षण नहीं भी हो सकते हैं, हालांकि लक्षण प्रकट करने वाले लोगों में बुखार, खांसी, सांस की तकलीफ और दस्त हो सकते हैं, और मामूली से बहुत गंभीर हो सकते हैं। 

3 फरवरी 2019 तक गंभीर मामलों की संख्या 17,393 में से 2,298 है, जिसमें 488 स्वस्थ हुए हैं। गंभीर संक्रमण के मामलों के परिणामस्वरूप निमोनिया, गुर्दे की विफलता और मृत्यु हो सकती है। ऊपरी श्वसन लक्षण जैसे कि छींकना, बहती नाक या गले में खराश अक्सर कम होते हैं। लक्षणों की शुरुआत से लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा 2 से 10 दिन और यूएस सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) द्वारा 2 से 14 दिनों का अनुमान लगाया गया है।

वुहान के अस्पतालों में भर्ती कराए गए पहले 41 पुष्ट मामलों में से 13 (32%) व्यक्तियों में एक और पुरानी बीमारी थी, जैसे मधुमेह या उच्च रक्तचाप। कुल मिलाकर, 13 (32%) व्यक्तियों को गहन देखभाल की आवश्यकता थी, और 6 (15%) व्यक्तियों की मृत्यु हो गई। जिन लोगों की मृत्यु हुई उनमें से कई की स्थिति अन्य थी जैसे कि अधिक उम्र, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, या हृदय रोग जो उनकी प्रतिरक्षा प्रणाली(इम्यून सिस्टम) को बिगड़ा था।

इस बीमारी की शुरुआत

नया कोरोना वायरस 2019 के आखिर में अनजान कारणों से निमोनिया जैसी बीमारी से सामने आया। बाद में पता चला कि इस बीमारी का कारण सीवियर एक्यूट रेस्परेटरी सिंड्रोम कोरोना वायरस 2 या सार्स कोरोना वायरस-2 है। इसमें शुरुआत में हल्की सर्दी-जुकाम जैसे लक्षण प्रकट होते हैं। डब्लूएचओ के मुताबिक, कोरोना संक्रमित करीब 80 फीसद लोग बिना किसी खास इलाज के ठीक हो जाते हैं। संक्रमित छह लोगों में से सिर्फ एक व्यक्ति गंभीर रूप से बीमार पड़ता है और वह सांस लेने में तकलीफ होने की स्थिति तक पहुंचता है।

संक्रमण की चार श्रेणियां

प्रोफेसर विल्सन के अनुसार, कोविड-19 से संक्रमित लोगों को चार श्रेणियों में बांटा जा सकता है। पहली श्रेणी में वे लोग होते हैं, जिनमें कोई लक्षण नहीं दिखता है। इसके आगे की श्रेणी में वे लोग हैं, जिनमें श्वसन नली के ऊपरी हिस्से में संक्रमण होता है। इस स्थिति में संक्रमित लोगों को बुखार, कफ, सिरदर्द या कंजक्टीवाइटिस (आंख संबंधी बीमारी) के लक्षण होते हैं। इन लक्षणों वाले लोग संक्रमण के वाहक होते हैं लेकिन संभवत: उन्हें इसकी जानकारी नहीं होती है। तीसरी श्रेणी में कोविड-19 पॉजिटिव लोग होते हैं, जिनमें निमोनिया जैसे लक्षण होते हैं और उन्हें अस्पताल में रहना होता है। चौथी श्रेणी के लोगों में निमोनिया जैसी बीमारी का गंभीर रूप दिखता है।

छह फीसद पीड़ित होते हैं गंभीर

वुहान में यह देखा गया कि टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए जिन लोगों ने इलाज कराया, उनमें से सिर्फ 6 फीसद लोगों की हालत गंभीर हुई। डब्लूएचओ के मुताबिक, बुजुर्ग तथा हाई ब्लड प्रेशर, हृदय तथा फेफड़े व मधुमेह के रोगियों में स्थिति गंभीर होने की ज्यादा संभावना रहती है।

कैसे होता है निमोनिया

कोविड-19 संक्रमितों को कफ और बुखार होता है। विल्सन के मुताबिक, ऐसा रेस्परेटरी ट्री तक संक्रमण होने से होता है। इसमें रेस्परेटरी लाइनिंग में जख्म हो जाता है, जिससे उसमें सूजन पैदा होती है। यह एयरवे की लाइनिंग में परेशानी पैदा करता है तथा धूल के एक कण से भी खांसी होने लगती है। हालत तब और बिगड़ जाती है, जब यह एयरलाइनिंग को पार कर गैस एक्सचेंज यूनिट तक पहुंचता है। यह यदि संक्रमित हो जाए तो फेफड़े के निचले हिस्से से वायु कोषों में सूजन पैदा करने वाली सामग्री उड़ेलने लगता है। वायु कोषों में सूजन के बाद द्रव तथा इनफ्लेमेटरी सेल्स फेफड़े में आने लगते हैं, जिसका परिणाम निमोनिया होता है। इस स्थिति में फेफड़ा रक्त प्रवाह से पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं ले पाता है और शरीर में ऑक्सीजन लेने तथा कार्बन डाइऑक्साइड के प्रभाव से बचने की क्षमता कम हो जाती है। यह निमोनिया की गंभीर स्थिति होती है। 

श्वसन तंत्र संक्रमण

श्वसन तंत्र संक्रमण (Respiratory tract infection) ऐसा रोग होता है जो श्वसन तंत्र में संक्रमण (इन्फ़ेक्शन) से फैलता हो। इन रोगों को ऊपरी श्वसन तंत्र संक्रमण (upper respiratory tract infection) और निचला श्वसन तंत्र संक्रमण (lower respiratory tract infection) में वर्गीकृत करा जाता है। निचले श्वसन तंत्र संक्रमण (जैसे कि न्यूमोनिया) ऊपरी श्वसन तंत्र संक्रमणों (जैसे कि ज़ुकाम) से अधिक संकटमय होते हैं।

प्रसार

कोरोना वायरस मुख्य रूप से हवा की बूंदों के माध्यम से फैलता है जब एक संक्रमित व्यक्ति खांसी या लगभग 3 फीट (0.91 मीटर) से 6 फीट (1.8 मीटर) की सीमा के भीतर छींकता है। वायरल आरएनए पहले पुष्ट मामले में से एकत्र मल नमूनों में भी मिला था, हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि क्या संक्रामक वायरस का फिकल-मौखिक संचरण भी होता है। यह अन्य कोरोना वायरस(बिषाणु) की तरह हैंडल और रेलिंग के माध्यम से भी फैल सकता है।[103]Semi-log plot of confirmed cases and deaths in China[104] (trend lines designate exponential growth)[not in citation given]एक सुपर-स्प्रेडर से मेडिकल स्टाफ के 14 अलग-अलग सदस्यों के संक्रमित होने की सूचना मिली थी। 25 जनवरी 2020 को, सिन्हुआ समाचार एजेंसी को की गई घोषणा में चीनी सेंटर फॉर डिसीज़ कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के प्रमुख गाओ फू ने इस बात से इनकार किया कि उक्त व्यक्ति को "सुपर स्प्रेडर" माना जाना चाहिए क्योंकि उसे कई वार्डों में ले जाया गया था।[105] उसी दिन, हालांकि, चाइना न्यूज़वीक (एक अन्य आधिकारिक समाचार एजेंसी, जो चीन समाचार सेवा द्वारा संचालित हैै), पेकिंग विश्वविद्यालय के एक विशेषज्ञ का हवाला देते हुए, ने दावा किया कि पूर्वोक्त रोगी को पहले से ही सुपर-स्प्रेडर माना जा सकता है और शामिल अस्पतालों की आलोचना की कि संपर्क में आए कर्मचारियों की रक्षा के लिए ठीक से वयवस्था नहीं किया गया था। चाइना न्यूजवीक ने सरकार की सेंसरशिप की भी आलोचना करते हुए कहा कि हेल्थकेयर प्रोवाइडर, बुखार क्लीनिक में रहने वालों को छोड़कर, के पास सुरक्षा के लिए केवल एक मास्क है।

रोक-थाम

माननीय प्रधानमंत्री मोदी जी ने कोरोना वायरस से बचने के उपायो में 22 -मार्च के दिन संकल्प और संयम के रूप में जो अपील देशवासियों से की है। उसमें यदि अपने अपने घरों में रहकर आधिकाधिक समय तक ईश्वरीयसत्ता से प्रार्थना तथा धर्म के मार्ग अर्थात कर्तव्य के मार्ग पर चलने का संकल्प तथा मन, इन्द्ररियो, पर संयम की बात विस्तृत रूप से जोड़ दी जाए, तो सोने में सुहागा का काम हो सकता है। क्योकि, जब कभी भी देश अथवा व्यक्ति पर किसी प्रकार की आपदा आई है। तब ईश्वरीयसत्ता से की गई प्रार्थना से सहयोग मिला है।

कोरोना वायरस का योगिक वं अध्यात्मिक इलाज़

एक अध्ययन के अनुसार यह देख जा रहा है की कोरोना का उपचार उसके संक्रमण को रोकने से किया जा रहा है और इसे रोकने के लिए की प्रकार की पद्दतीयों का प्रयोग किया जा रहा है जिसमे योग, यगयोपैथी वं अध्यात्म मुख्य है। यह तीनों प्रक्रिया आपस मिल कर रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा रही है अतः जिसके अंतर्गत इसको मुख घटक माना जा रहा है कोरोना के साथ इस युद्ध मे । 

  • योग मे ऐसे आसनों का अध्ययन करें जिनसे शरीर मे अधिक थकान न हो परंतु आपकी श्वसन क्रिया निरंतर स्वच्छ होती रही इसमे आप सूक्ष्म व्यायाम, प्रणायाम, नेति, धौति, वस्ती वं कुंजल क्रिया कर सकते हैं। 
  • घर मे गूगल, मंदाकिनी, गंधक, कपूर, जटामांसी जैसी औषधियों का प्रयोग कर हवन करें अगर आप सनातन धर्म के खिलाफ है तो इसी क्रिया को गोबर के उपले पर रख जला कर भी कर सकते हैं। 
  • अपने मन को सात्विक करें वं ध्यान लगाएं अपना आध्यात्मिक ज्ञान आपको स्करात्मक प्रभाव ढलेगा और इससे आपकी रोगप्रतिरोधक क्षमता का विकास होगा। 
  • पैकेड फूड और मांसाहार से दूरी बनाए रखें और कोसे पानी का सेवन करें। 
  • दिन मे दो बार कमसे कम गरम पानी मे नमक डाल गरारे करें।

हाथ धोना

2019-nCoV के प्रसार को रोकने के लिए हाथ धोने की सिफारिश की जाती है। सीडीसी व्यक्तियों को सिफारिश करता है;
  • "कम से कम 20 सेकंड के लिए साबुन और पानी से हाथ धोएं, खासकर बाथरूम जाने के बाद; खाने से पहले; और अपनी नाक बहने के बाद, खाँसने, या छींकने के बाद अक्सर।"
  • "यदि साबुन और पानी आसानी से उपलब्ध नहीं हैं, तो अल्कोहल-आधारित हैंड सैनिटाइज़र का उपयोग करें जिसमें कम से कम 60% अल्कोहल हो। यदि हाथ स्पष्ट रूप से गंदे हैं तो साबुन और पानी से हमेशा हाथ धोएं।"
सीडीसी, एनएचएस, और डब्ल्यू एच ओ भी व्यक्तियों को सलाह देते हैं कि वे बिना धोये हुए हाथों से आंखों, नाक या मुंह को छूने से बचें।

श्वसन स्वच्छता

जिन लोगों को संदेह है कि वे संक्रमित हैं, उन्हें सर्जिकल मास्क पहनना चाहिए (विशेषकर सार्वजनिक स्थानों पर) और चिकित्सकीय सलाह के लिए डॉक्टर से मिलना चाहिए। बात करते समय या छींकने और खांसते समय फैलने वाली बूंदों की मात्रा को सीमित करने के लिए मास्क पहन कर संक्रमण के संचरण को कम करने में सहायता प्रदान कर सकते हैं।
यदि मास्क उपलब्ध नहीं हो, तो श्वसन लक्षणों का अनुभव करने वाले किसी व्यक्ति को खांसी या छींक को एक टिश्यू से ढंकना चाहिए, और टिश्यू को तुरंत कूड़ेदान में फ़ेंक दें, और अपने हाथों को धो लें। यदि कोई टिश्यू अनुपलब्ध हो, तो व्यक्ति को कोहनी से अपना मुंह या नाक ढंकना चाहिए।
बीमारों की देखभाल करने वालों को भी मास्क लगाने की सलाह दी जाती है।नाक रगड़ना, माउथवॉश से गरारा करना और लहसुन खाने से इस बीमारी पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता हैं।
यह साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं है कि मास्क असंक्रमित व्यक्तियों की रक्षा करते हैं और उन्हें पहनने से सुरक्षा की झूठी भावना पैदा हो सकती है। सर्जिकल मास्क का व्यापक रूप में हांगकांग, जापान, सिंगापुर और मलेशिया में स्वस्थ लोगों द्वारा उपयोग किया जाता है। सीडीसी द्वारा सर्जिकल मास्क की सिफारिश अमेरिकी आम जनता के लिए निवारक उपाय के रूप में नहीं किया गया है।
WHO मास्क उपयोग के लिए निम्नलिखित सर्वोत्तम तरीकों की सलाह देता है:
  • चेहरे और नाक को ढंकने के लिए मास्क को सावधानी से लगाएं और चेहरे और मास्क के बीच किसी भी अंतराल को कम करने के लिए सुरक्षित रूप से टाई करें; उपयोग करते समय, मास्क को छूने से बचें;
  • उपयुक्त तकनीक का उपयोग करके मुखौटा निकालें (यानी सामने से न छूएं लेकिन पीछे से फीता हटा दें);
  • मास्क के हटाने के बाद या जब भी आप अनजाने में इस्तेमाल किए गए मास्क को छूते हैं, तो अल्कोहल-आधारित हैंड सैनिटॉयज़र या साबुन और पानी (उबला हुआ) से हाथों को साफ करें।
  • जैसे ही मास्क नम हो जाते हैं, मास्क को बदल कर नए साफ, सूखे मास्क लगायें;
  • एकल-उपयोग मास्क का फिर से उपयोग न करें; प्रत्येक उपयोग के बाद एकल-उपयोग मास्क को हटा दें
2019-nCoV होने के संदेह वाले रोगियों के साथ सीधे बातचीत करने वाले हेल्थकेयर पेशेवरों को सलाह दी जाती है कि वे कम से कम NIOSH प्रमाणित N95, EU मानक FFP2 या समकक्ष के रूप में अन्य व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों के अलावा श्वासयंत्र का भी उपयोग करें।

डब्ल्यू एच ओ द्वारा चलाया एक नारा

DO THE FIVE
Help stop coronavirus
  1. HANDS:    Wash them often
  2. ELBOW:    Cough into it
  3. FACE:        Don't touch it
  4. SPACE;     Keep safe distance
  5. HOME:      Stay if you can

कोरोना Map for Testing Centers 

अन्य जानकारी हेतु