बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) बहुत ही आसान तरीका है। यह गणित का करया फार्मूला है, जिसमें वजन को लाइन के ऊपर रखते हैं। लाइन के नीचे शरीर की लंबाई गुणा में दो बार रखते है यानी लंबाई गुणा लंबाई । अब नीचे के हिस्से (लंबाई गुणा लंब
से ऊपर के हिस्से (वजन) में भाग (डिवीजन) दे देते हैं यानी बीएमआई इक्युअल टू मास इन किलोग्राम डिवाइड बाई हाइट इन मीटर इनटू हाइट इन मीटर।

BMI = Weight (in kg)÷ Height × Height (in meters)

इस हिसाब से निम्न प्रकार से बॉडी मास इंडेक्स के जरिये मौटापे का पता चलता है :-

1. बीएमआई 18.5 से कम (यदि 18.5 से कम बीएमआई आता है तो इसका मतलब है कि व्यक्ति का बॉडी फैट जरूरत से कम है और वह कमजोर हो सकता है।)

2. बीएमआई 18.5 से 24.09 तक (यह एक आदर्श स्थिति है, जिसका मतलब है कि व्यक्ति का बॉडी फैट सामान्य है यानी वह बिल्कुल भी मोटा नहीं है।)

3. बीएमआई 25 से 29.09 तक (यह स्थिति ज्यादा वजन की है और इसे मोटापे की शुरुआत कह सकते हैं।)

4. बीएमआई 30 से 39.09 (यह स्थिति पूरी तरह मोटापे की है यानी व्यक्ति हमारी आंखों से देखने पर भी मोटा ही नज़र आता है।)

5. बीएमआई 40 और उससे ज्यादा (यह स्थिति बहुत ज्यादा यानी खतरनाक मोटापा देशाता है और किसी भी व्यक्ति के लिए गंभीर चिंता का कारण बन जाती है।)

यहाँ तीन नंबर की स्थिति को हम किसी ट्रैफिक सिग्नल की पीली लाइट कह सकत हैं यानी जरूरी नहीं है कि बीएमआई 25 से 29.09 के बीच हो तो आपको स्वास्थ्य सबंधी समस्याएँ होंगी ही, लेकिन यह संकेत है कि आप रेड लाइट की तरफ बढ़ रहे हैं और आप कुछ प्रयास करें तो वापस ग्रीन लाइट में आ सकते हैं। यदि आपने प्रयास नहीं किया तो आप रेड लाइट यानी मोटापे की श्रेणी में चले जाएँगे।